स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकार प्रशमनम्।” के मंत्र के साथ पटना का राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल सेवा के सौ साल का सफर पूर्ण करने जा रहा है। इस अस्पताल और कालेज का इतिहास गौरवशाली रहा है। हम इसके वर्तमान को भी स्वर्णिम बनाने और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। हम आयुर्वेद के भारतीय चिकित्सा पद्धति की मूल भावना और सिद्धांत को कायम रखते हुए बदलते ज़माने के अनुसार नये प्रयोग भी कर रहे हैं। हम यहां से आयुर्वेद के वैश्विक पटल को और प्रखर करने की कोशिश में जुटे हैं। शताब्दी वर्ष में “इंटरनेशनल सिम्पोजियम कम सेंटेनरी कमेमोरेशन इसी पहल की एक कड़ी है। कहतीं हैं इस महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ .उमा पाण्डेय।
डॉ. उमा पाण्डेय
वें आगे कहती हैं कि हम इस कालेज के शताब्दी वर्ष समारोह के माध्यम से दुनिया को, ऐसे समय में जब हमारी जीवन शैली हमें तन और मन दोनों से बीमार कर रही है यह संदेश भी देना चाहते हैं कि आयुर्वेद ही स्वस्थ जीवन का मार्ग है। आज देश और प्रदेश की सरकार ने इसपर काफी ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री जी की अगुवाई में आयुर्वेद ने काफी ऊंचाई पाई है।
क्यों खास है इंटरनेशनल सिम्पोजियम
राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, पटना अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 25 एवं 26 जुलाई 2026 को “इंटरनेशनल सिम्पोजियम कम सेंटेनरी कमेमोरेशन” का आयोजन करेगा। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय “Ayurveda and Global Healthcare Futures: Integrating Traditional Wisdom with Evidence-Based Health Systems” रखा गया है।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ते हुए भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सार्थक संवाद स्थापित करना है।
दुनिया भर से आएंगे विशेषज्ञ
सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवर भाग लेंगे।
यहां होगा आयोजन स्थल
आयोजन का शुभारंभ सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, कदमकुआँ तथा ज्ञान भवन, अशोका कन्वेंशन सेंटर, गांधी मैदान, पटना में होगा। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की संगोष्ठी आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसे बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का सहयोग प्राप्त है।
रील मेकिंग से लेकर फैशन शो तक
राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, पटना के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से 12 जुलाई 2026 तक नामांकन करने की अपील की है। कार्यक्रमों में 15 जुलाई को रील मेकिंग, 17 जुलाई को योग प्रतियोगिता, 18 जुलाई को श्लोक वाचन, 20 जुलाई को स्टूडेंट पार्लियामेंट, 22 जुलाई को स्टैंड-अप कॉमेडी, 23 जुलाई को फैशन शो, 24 जुलाई को रंगोली एवं आयुर्वेदोक्त पथ्याहार प्रतियोगिता तथा 25 जुलाई को क्विज प्रतियोगिता और पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन होगा। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ये प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की रचनात्मकता, ज्ञान, संस्कृति और प्रतिभा को नई पहचान देने के साथ-साथ उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेंगी।
भाग लेने के लिए पंजीकरण निःशुल्क
आयोजन समिति ने बताया कि पोस्टर एब्स्ट्रैक्ट जमा करने तथा पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जबकि 15 जुलाई को पोस्टर चयन की सूचना जारी की जाएगी। सम्मेलन में भाग लेने के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है, हालांकि सभी प्रतिभागियों के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य होगा।
सम्मेलन के दौरान शोधकर्ताओं और युवा वैज्ञानिकों को अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुति को “Government Ayurvedic College Centenary Best Poster Award” से सम्मानित किया जाएगा।
अपने शताब्दी वर्ष में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयुर्वेद की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने तथा पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।